अन्तर्निनाद

Antarninad

Hindi Other(अन्य)
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  • By : Uttra Nerurkar
  • Subject : Antarninad, Patanjal Yogdarshan, Swami Dayanand, Vivekanand, Arya Samaj
  • Category : Darshan
  • Edition : 2021
  • Publishing Year : N/A
  • SKU# : N/A
  • ISBN# : 9789393254009
  • Packing : N/A
  • Pages : 98
  • Binding : Paperback
  • Dimentions : N/A
  • Weight : N/A

Keywords : Antarninad Patanjal Yogdarshan Swami Dayanand Vivekanand Arya Samaj

दर्शनशास्त्र भारतीय विचार के उत्कृष्टतम उदारण है l इनमें उपलब्ध तथ्य आज भी उतने ही सत्य है जितना कि सहस्त्रों वर्ष पहले थे l ये प्राचीन ग्रन्थ छः है –न्याय, वैशेषिक, योग, सांख्य, पूर्व व उत्तर मीमांसा l इनमें से योगदर्शन सबसे प्रसिद्ध व लोकप्रिय हैं l इसमें मोक्ष का मार्ग सूक्ष्मता से बताया गया हैं l अध्यात्म मार्ग के नए अनुयायी और इस मार्ग पर कुछ आगे हुए लोग-दोनों ही प्रकार के आत्मान्वेषक इस पुस्तक से भरपूर लाभ उठा सकते हैं l

योग के आठ अंग जगप्रसिद्ध है, विशेषकर आसन, प्राणायाम, ध्यान l वस्तुतः, योगदर्शन में इन तीन अंगों की परिभाषाएं किंचित भिन्न है l तथापि जो भी अर्थ जग में प्रसिद्ध है, उसी से संसार का कल्याण हो रहा है, कि उनके विशेष अर्थ जानकर, और शेष अंगों को भी समझकर, मनुष्यजाति कितना लाभ उठा सकती है, इसकी कल्पना ही की जा सकती हैं !

इस पुस्तक में योगदर्शन की सुत्रवार व्याख्या तो नहीं है, परन्तु ग्रन्थ के सभी मुख्य अंशों का परिचय और उनपर  गहन विचार प्रस्तुत किया गया हैं, वह भी छोटे-छोटे लेखों के माध्यम से l अवश्य ही सामान्य जन भी इस ज्ञान से अपना जीवन अध्यात्म की ओर मोड़ सकते हैं l

आइयें महर्षि पतंजलि की इस अनमोल कृति से कुछ मोती चुनते है, जीवन को कुछ और ब्रह्ममय बनाते हैं !