पुस्तक में भारतीय ज्ञान परंपरा के सर्वज्ञात गणित के सभी प्रकार, ज्योतिष के सभी अंग, चिकित्सा की अनेक विधियां और पुराण आदि का वर्णन तो है ही, साथ ही जुगनू सर ने भारतीय ज्ञान परंपरा की जिस विधा को सबसे ज्यादा जगमगाया वह ळहै वास्तुशास्त्र, कृषिशास्त्र और संगीत। उस पर भी सोने पर सुहागा– धातुशास्त्र, अलंकरण, वृक्ष विद्या,भूगोल, स्थापत्य, धनुर्वेद, तन्त्र, कोश विद्या तथा इतिहास, और तो और कामशास्त्र। प्रसिद्ध 64 कला और 14 विद्या का शास्त्र। पुराणों के साथ साथ प्राकृत और जैन शास्त्रों में वर्णित ज्ञान प्रणाली का भी सम्यक विवरण इस पुस्तक में है। फिर भी कहना पड़ेगा कि यह पुस्तक अभी अपूर्ण लगती है, इसका दूसरा भाग भी आना चाहिए। तभी पात्र पूर्ण होगा। रस – रसायन , पशु पक्षी विषयक शास्त्र जैसे छूटे हुये विषय भी इसके आयत में आने चाहिए। इन पर उनका विशद कार्य है ही। इस पुस्तक का प्रत्येक अध्याय सर्वथा पृथक और स्वतंत्र शोध की प्रेरणा देता है। कोई बंदा चाहे तो वह इन अध्यायों मे से किसी एक अध्याय पर स्वतंत्र शोध कर सकता है। प्रत्येक अध्याय स्वतंत्र पुस्तक लिखने का अधिकारी ही नहीं, संदर्भ कोश भी है।
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Indian Knowledge Systems
भारतीय ज्ञान प्रणाली
Indian Knowledge Systems
₹900.00
Edition : 1st
Publishing Year : 2026
ISBN : 9789376652617
Pages : 432
Weight : 910
Binding : Hard Cover
Description
Additional information
| Weight | 6415688 g |
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