वेदऋषि द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले अनार्ष ग्रंथ केवल तुलनात्मक अध्ययन, अनुसंधान, शैक्षिक अन्वेषण एवं बौद्धिक विमर्श के उद्देश्य से प्रस्तुत किए जाते हैं। इन ग्रंथों का विक्रय, वितरण अथवा अध्ययन किसी प्रकार का प्रचार, समर्थन, अनुमोदन या वैदिक मान्यता प्रदान करने के रूप में नहीं लिया जाएगा।
विद्वान, शोधकर्ता, छात्र एवं धर्मप्रेमी इन ग्रंथों का अध्ययन केवल वैचारिक और तुलनात्मक दृष्टि से करते हैं, जिससे सत्य-असत्य, शुद्ध और मिश्रित ज्ञान का यथार्थ बोध स्पष्ट रूप से प्राप्त हो सके।
संग्रहीत ग्रंथों का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन, विवेक विकास और धार्मिक चेतना का संवर्धन है, न कि किसी समूह, मत या पंथ का पक्ष लेने का। अतः इन ग्रंथों का अध्ययन करते समय सतत् विवेक, तर्क और शास्त्रीय अनुशीलन को सर्वोपरि रखा जाना अति आवश्यक है।
वेदऋषि का यह प्रयास केवल वैदिक चेतना और संस्कृति के उत्थान हेतु है, जिसमें प्रत्येक अध्ययनकर्ता धर्मनिष्ठ, तर्कसिद्ध और विवेकपूर्ण दृष्टि से ग्रंथों का अध्ययन करे।