हिंदुत्व' एक ऐसा शब्द है, जो , संपूर्ण मानवजाति के लिए आज भी अपूर्व स्फूर्ति तथा चैतन्य का स्रोत बना हुआ है। इस शब्द से संबद्ध विचार, महान् ध्येय, रीति-रिवाज तथा भावनाएँ कितनी विविध तथा श्रेष्ठ हैं। 'हिंदुत्व' कोई सामान्य शब्द नहीं है। यह एक परंपरा है। एक इतिहास है। यह इतिहास केवल धार्मिक अथवा आध्यात्मिक इतिहास नहीं है। अनेक बार 'हिंदुत्व' शब्द को उसी के समान किसी अन्य शब्द के समतुल्य मानकर बड़ी भूल की जाती है। वैसे यह इतिहास मात्र नहीं है, वरन् एक सर्वसंग्रही इतिहास है। 'हिंदू धर्म', यह शब्द 'हिंदुत्व' से ही उपजा उसी का एक रूप है, उसी का एक अंश है।
'हिंदुत्व' शब्द में एक राष्ट्र, हिंदूजाति के अस्तित्व तथा पराक्रम के सम्मिलित होने का बोध होता है। इसीलिए 'हिंदुत्व' शब्द का निश्चित आशय ज्ञात करने के लिए पहले हम लोगों को यह समझना आवश्यक है कि 'हिंदू' किसे कहते हैं। इस शब्द ने लाखों लोगों के मानस को किस प्रकार प्रभावित किया है तथा समाज के उत्तमोत्तम पुरुषों ने, शूर तथा साहसी वीरों ने इसी नाम के लिए अपनी भक्तिपूर्ण निष्ठा क्यों अर्पित की, इसका रहस्य ज्ञात करना भी आवश्यक है। प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं ध्येयनिष्ठ क्रांतिधर्मा वीर सावरकर की लेखनी से निःसृत 'हिंदुत्व' को संपूर्णता में परिभाषित करती अत्यंत चिंतनपरक एवं
पठनीय पुस्तक।
HIndutva – by Vinayak Damodar Savarkar (विनायक दामोदर सावरकर)
हिंदुत्व
HIndutva – by Vinayak Damodar Savarkar (विनायक दामोदर सावरकर)
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Subject : HIndutva
Edition : 2021
Publishing Year : N/A
SKU # : 37525-PP02-0H
ISBN : 9789389982039
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Pages : 184
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Binding : Hardcover
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