भारतीय तथा बाहर के शास्त्रों की सहायता से एक ऐसा संग्रह ग्रन्थ बनाया जाय जो आध्यात्मिक रोगों के रोगियों और उनके परामर्शदाताओं के लिए सुलभ मार्गदर्शक बन सके, इसी भावना से लेखक ने इस ग्रन्थ की रूपरेखा बनाई है। लेखक ने प्रयत्न करके, अपनी समझ के अनुसार आध्यात्मिक रोगों के चिकित्साशास्त्र की जो रूपरेखा बनाई है, वह इस निबन्ध के रूप में प्रस्तुत है।
विचारों को अपने अनुभवों से अनुप्राणित करके चिकित्साशास्त्र के क्रम में बांधने का यत्न किया गया है। लेखक को विश्वास है कि इस रूपरेखा के रूप में भी यह निबन्ध माता-पिता, गुरु और आचार्यों के लिए सहायक सिद्ध होगा।
Paperback120 PagesEdition 2023ISBN 9788170772644In StockOriginal Publisher Edition
Frequently Asked Questions
इस पुस्तक का बाइंडिंग, पेज, संस्करण, ISBN और वज़न क्या है?
बाइंडिंग: Paperback | पृष्ठ: 120 | संस्करण वर्ष: 2023 | ISBN: 9788170772644 | वज़न: लगभग 140 ग्राम। यह जानकारी उत्पाद पृष्ठ पर दर्ज वास्तविक विवरण पर आधारित है।
इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
लेखक: Pandit Indra Vidyavachaspati (पंडित इंद्र विद्यावाचस्पति)। लेखक की अन्य पुस्तकें भी Vedrishi पर उपलब्ध हैं।
प्रकाशक कौन सा है?
प्रकाशक: Vijaykumar Govindram Hasanand। यह पुस्तक Vedrishi ऑनलाइन वेदिक बुक स्टोर से उपलब्ध है।
इस पुस्तक का ऑनलाइन मूल्य क्या है?
इस पुस्तक का वर्तमान ऑनलाइन मूल्य ₹110 है। मूल्य और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है; कृपया ऑर्डर से पहले उत्पाद पृष्ठ पर अद्यतन मूल्य देखें।
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