ग्रन्थमिमधिकृत्य किञ्चित्नभस्यादित्यं परितो ग्रहा इव बम्भ्रमीतिनिखिलो वैदिको लौकिकश्च शब्दराशिःपाणिन्यष्यध्यार्थी परितः। भगवता पाणिनिनामहति समाधियोग आस्थायास्य निखिलशब्दराशे: प्रत्यक्षमेककालावच्छेदेन कृतमत एवतत्र न किमपि रिष्यति। अत्राष्टस्वध्यायेषुविभक्तानि सूत्राणि शब्दस्यान्तः प्रविश्य, प्रकृतिंप्रत्ययं च विभज्य, तत्रत्यं सर्व प्रकाशयन्ति । एतत्सर्वमद्भुतमिव यद् भगवता पाणिनिना शब्दानांसिद्ध्यर्थ शब्दा नोक्ता अपितु तत्रत्यानलोपागमवर्णविकारान् मनस्याकलय्यैकैकस्यकार्यस्य कृते सूत्राणि प्रोक्तानि। तानि चसूत्राण्यधिकारेषु प्रकरणेषु च निबद्धानि सन्ति।एकैकस्मिन् प्रकरण एकैकं कार्यं नि:शेषीक्रियते,येन तद्विषयिविचिकित्साव्यपोहो जायते। सन्तिचैतानि प्रकरणान्यष्टाध्याय्यां तिलतण्डुलवद्विभक्तानि, येषां विज्ञानेन शब्दसाक्षात्कारोभवति । महता देवेन सायुज्यमप्यनेनैवाधिगम्यते ।अधिकाराणां, प्रकरणानां च विज्ञानं विहायाष्टाध्यायीसूत्रपाठोऽपि निगदेनैव शब्द्यमान: कामान्दोग्धं नालं भवति, का कथा पुनरष्टाध्याय विनाप्रक्रियाग्रन्थेषु कृतस्यान्धयत्नस्य।सर्वेषाशाख्त्राणां मुखं व्याकरणम्। तस्माच्चबिभेति लोकः प्रक्रियाकाठिन्यात्। अतोमयाष्टाध्याय्या: स्वत: प्रकाशित : पन्था:प्रकरणानां विभाजनं प्रदर्य सर्वदृग्गोचरीकृतः।पाणिनेरिदं महत्सुविहितं सामान्यविशेषवल्लक्षणमाश्रित्य विश्वस्य कापि भाषा व्याकरतृुशक्यते अतः सर्ववेदपारिषदं हीदं शास्त्रं ।
Ashtadhyayisutrapathah (Prakaran Nirdesh Samanvitah) – by Pushpa Dekshit (पुष्पा दीक्षित)
अष्टाध्यायीसूत्रपाठः (प्रकरणनिर्देशसमन्वतः)
Ashtadhyayisutrapathah (Prakaran Nirdesh Samanvitah) – by Pushpa Dekshit (पुष्पा दीक्षित)
₹400.00
Author: Pushpa Dekshit (पुष्पा दीक्षित)
SKU
36703-PP01-SH
Category Sanskrit Grammer - संस्कृत व्याकरण
puneet.trehan संस्कृत
Brand: Pratibha prakashan Delhi
Out of stock
Subject : Sanskrit Grammar
Edition : N/A
Publishing Year : N/A
SKU # : 36703-PP01-SH
ISBN : N/A
Packing : N/A
Pages : N/A
Dimensions : N/A
Weight : NULL
Binding : Hard Cover
Description
Hard CoverOriginal Publisher Edition
बाइंडिंग: Hard Cover। यह जानकारी उत्पाद पृष्ठ पर दर्ज वास्तविक विवरण पर आधारित है।
लेखक: Pushpa Dekshit (पुष्पा दीक्षित)। लेखक की अन्य पुस्तकें भी Vedrishi पर उपलब्ध हैं।
प्रकाशक: Pratibha prakashan Delhi। यह पुस्तक Vedrishi ऑनलाइन वेदिक बुक स्टोर से उपलब्ध है।
इस पुस्तक का वर्तमान ऑनलाइन मूल्य ₹400 है। मूल्य और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है; कृपया ऑर्डर से पहले उत्पाद पृष्ठ पर अद्यतन मूल्य देखें।
Vedrishi मूल प्रकाशकों की प्रामाणिक हिंदी और वैदिक पुस्तकें बेचता है। हर ऑर्डर नये कंडीशन में भेजा जाता है। किसी भी समस्या के लिए आप हमारे संपर्क पेज से सहायता ले सकते हैं।
Vedrishi एक विशेषज्ञ हिंदी / वैदिक बुक स्टोर है जहाँ 1400+ पुस्तकें उपलब्ध हैं। हम प्रामाणिक प्रकाशकों की किताबें नए कंडीशन में भेजते हैं, आसान ऑनलाइन ऑर्डरिंग देते हैं, और ऑर्डर संबंधी सहायता के लिए व्हाट्सऐप / फ़ोन पर उपलब्ध रहते हैं। पेमेंट ऑनलाइन और सुरक्षित चैनलों से किया जा सकता है।
