Vedrishi

Free Shipping Above ₹1500 On All Books | Minimum ₹500 Off On Shopping Above ₹10,000 | Minimum ₹2500 Off On Shopping Above ₹25,000 |
Free Shipping Above ₹1500 On All Books | Minimum ₹500 Off On Shopping Above ₹10,000 | Minimum ₹2500 Off On Shopping Above ₹25,000 |

महाभारत पदानुक्रम कोषः (8 खण्ड)

Mahabharat Padanukrama Kosha (8 Volumes)

15,000.00

SKU 36873-NB00-SH Category puneet.trehan
Subject : Mahabharat’s Words Glossary 
Edition : N/A
Publishing Year : N/A
SKU # : 36873-NB00-SH
ISBN : 9788170000000
Packing : 8 Volumes
Pages : N/A
Dimensions : 8.5 INCH X 5.5 INCH
Weight : 510
Binding : Hard Cover
Share the book

महाभारत

महाभारत एक विशालकाय महाकाव्य है, इसे साहित्य का सागर कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। इस जैसा दूसरा महाकाव्य न संस्कृत साहित्य में, न भारत के किसी अन्य साहित्य में और न ही विश्वसाहित्य में देखने को मिलता है।

वर्तमान युग में एक नये प्रकार की कोषगठन की विधा अस्तित्व में आयी। पाश्चात्य वैदिक विद्वानों कीथ और मैक्डॉनल ने संस्कृत साहित्य की समस्या का गहराई से मन्थन किया और उनके लिए नयी विधा का सृजन भी। इन्होंने व्यक्तिवाचक नाम को लेकर सन् १९०० के आसपास वैदिक इण्डेक्स नामक ग्रन्थ का गठन किया। लगभग इसी समय ब्लूमफिल्ड ने वैदिक पादानुक्रमकोष तथा हर्मन ग्रासमैन ने ऋग्वैदिक डिक्शनरी का गठन किया। इनके कार्यों से प्रेरित होकर, उसे पूर्णता प्रदान करते हुए, आचार्य विश्वबंधु शास्त्री ने सन् १९३५-१९६५ तक कार्य करके वैदिक साहित्य को दोहन सुगम बनाने के लिए वैदिक-पदानुक्रम-कोष का गठन किया, इसमें वेद से लेकर ब्राह्मण साहित्य तथा उपनिषदों को समाहित कर लिया गया।

विश्वसाहित्य में सम्भवतः संस्कृत ही वह भाषा है, जिसमें उक्त तकनीक का आश्रय लेकर कोषों का गठन प्रारम्भ हुआ और आज भी हो रहा है। प्रस्तुत पुस्तक में गीता प्रेस गोरखपुर के संस्करण को आधार बनाकर महाभारत-पदानुक्रम-कोष को तैयार किया गया है। गीता प्रेस गोरखपुर के संस्करण में १००२७७ श्लोक हैं। इसमें से ८८६०० उत्तर भारतीय पाठकी के हैं और ६५८४ दाक्षिणात्य पाठकी के। साथ ही ७०३२ श्लोक उवाच की संख्या के हैं। इसकी सहायता से शोधार्थी बड़ी सरलता से अपने शोध विषय तक पहुँच बना सकते हैं और एक विषय पर जो भी महाभारत में कहीं भी कहा गया है, उसके विषय में सम्पूर्ण अध्ययन करके सुसंगत निष्कर्ष प्रस्तुत करने में समर्थ हो सकते हैं। यह एक ऐसा कार्य है कि जो संस्कृत साहित्य की शोध की अपेक्षाओं को वैज्ञानिक रूप से पूर्ण करता है तथा उसे वर्तमान युग की अपेक्षाओं के अनुरूप आधारभूत ढाँचा प्रदान करता है

Dimensions 855.5 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Mahabharat Padanukrama Kosha (8 Volumes)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recently Viewed

You're viewing: Mahabharat Padanukrama Kosha (8 Volumes) 15,000.00
Add to cart
Register

A link to set a new password will be sent to your email address.

Your personal data will be used to support your experience throughout this website, to manage access to your account, and for other purposes described in our privacy policy.

Lost Password

Lost your password? Please enter your username or email address. You will receive a link to create a new password via email.

Close
Close
Shopping cart
Close
Wishlist