Vedrishi

प्राचीन सांख्य संदर्भ

prachin sankhya Sandarbh

100.00

SKU N/A Category puneet.trehan
Subject : Old Sankhya Darshan References   
Edition : 1991
Publishing Year : 1997
SKU # : 36506-VG00-0H
ISBN : N/A
Packing : Hard Cover
Pages : 271
Dimensions : 9.0 INCH X 6.0 INCH
Weight : 400
Binding : Hard Cover
Share the book

सांख्यशास्त्र के महत्त्व के कारण उस पर अनेक आचार्यों ने भाष्य लिखे। यह क्रम परमर्षि कपिल के साक्षात् शिष्य आसुरि से आरम्भ हुआ। प्राचीनों के भाष्यों से महत्त्वपूर्ण सन्दर्भ लेकर परवर्ती आचार्य अपने भाष्यों में उद्धृत करते रहे।

सांख्यशास्त्र की व्यापकता के कारण उसका प्रसार तो खूब हुआ किन्तु अनुपलब्ध होने से उन सन्दर्भों में निहित गूढार्थ से लोग वंचित रहे। इस दुरूह कार्य को करने का बीड़ा आचार्य उदयवीर शास्त्री ने अपने ऊपर लिया। सांख्य शास्त्र में गहरी पैठ होने के कारण आचार्य जी जैसा सांख्यशास्त्र मर्मज्ञ ही इस दुरूह कार्य को कर सकता था। अपने व्यापक अध्ययन के कारण आचार्य जी ने यत्र-तत्र बिखरे सन्दर्भों के मूल को खोज निकाला और प्रसंगानुकूल विकसित अर्थों का निर्धारण कर एक-एक शब्द में निहितार्थ को जान कर उनकी विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की।

इस प्रकार यह ग्रन्थ सांख्यशास्त्र और उसके व्याख्या-ग्रन्थों को समझने में और ऐतिहासिक दृष्टि से सांख्य सिद्धान्त के क्रमिक विकास को जानने में परम सहायक सिद्ध होगा।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “prachin sankhya Sandarbh”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recently Viewed

You're viewing: prachin sankhya Sandarbh 100.00
Add to cart
Register

A link to set a new password will be sent to your email address.

Your personal data will be used to support your experience throughout this website, to manage access to your account, and for other purposes described in our privacy policy.

Lost Password

Lost your password? Please enter your username or email address. You will receive a link to create a new password via email.

Close
Close
Shopping cart
Close
Wishlist