Vedrishi

सनातन वैदिक पंचमहायज्ञ

Sanatan Vedic Panchmahayagya – by Ashok Gautam (अशोक गौतम )

₹235.00

By : Ashok Gautam (अशोक गौतम )
Edition : 2024
Publishing Year : 2023
ISBN : 9789334331707
Packing : peparback
Pages : 300
Dimensions : 14X22X4
Weight : 400
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सनातन वैदिक पंचमहायज्ञ गृहस्थ के पाँच दैनिक कर्तव्य हैं जिनका उद्देश्य आध्यात्मिक उन्नति और सभी जीवों के कल्याण को बढ़ावा देना है। इनमें शामिल हैं: ब्रह्मयज्ञ (ईश्वर की उपासना और स्वाध्याय), देवयज्ञ (हवन और वायुमंडल को शुद्ध करना), पितृयज्ञ (माता-पिता की सेवा), भूतयज्ञ (जीवों व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता दिखाना, जैसे जीवों के लिए अन्न निकालना), और अतिथि यज्ञ (अतिथि सत्कार व सेवा)। 

पंचमहायज्ञों का विवरण:
  1. 1. ब्रह्मयज्ञ (ऋषियज्ञ):
    • ईश्वर की उपासना, सन्ध्या करना, वेद-शास्त्रों का अध्ययन करना और आत्म-मनन करना। 
    • यह ज्ञान प्राप्ति और आध्यात्मिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। 
  2. 2. देवयज्ञ (हविर्यज्ञ):
    • अग्निहोत्र या होम-हवन के माध्यम से देवताओं की पूजा और वायुमंडल को शुद्ध करना। 
    • प्रकृति के जड़ तत्वों जैसे अग्नि और वायु का आदर करना और उनके प्रति आभार व्यक्त करना। 
    • जीवित माता-पिता और पूर्वजों की सेवा और सम्मान करना। 
    • यह वंश के प्रति कर्तव्य को दर्शाता है और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखता है। 
  3. 4. भूतयज्ञ (बलिवैश्वदेव):
    • अपने अन्न से गाय, कौवे, चींटी और अन्य प्राणियों के लिए भोजन का अंश निकालना। 
    • यह सभी जीवों के प्रति करुणा और परोपकार का भाव प्रदर्शित करता है। 
  4. 5. अतिथियज्ञ (नृयज्ञ):
    • घर आए मेहमान, विद्वानों, संन्यासियों और परोपकारी लोगों का प्रेमपूर्वक सत्कार करना और उनकी सेवा करना। 
    • अतिथि को देवता समान माना जाता है, और उन्हें पहले भोजन कराने के बाद ही गृहस्थ को भोजन करना चाहिए। 
महत्व:
  • इन यज्ञों का पालन करने से गृहस्थ जीवन में सुख-शांति और सफलता मिलती है। 
  • यह पापों के प्रायश्चित का एक तरीका भी है, विशेषकर मनुस्मृति के अनुसार उन पापों से जो घर में अनजाने में हो जाते हैं (जैसे चूल्हा जलाते समय जीवों की हिंसा)। 
  • पंचमहायज्ञों के माध्यम से व्यक्ति स्वयं को एक महान समग्रता का हिस्सा महसूस करता है और आध्यात्मिक रूप से उन्नति करता है। 
field_64eda17c688cd300 PagesEdition 2024ISBN 9789334331707In StockOriginal Publisher Edition

Frequently Asked Questions

इस पुस्तक का बाइंडिंग, पेज, संस्करण, ISBN और वज़न क्या है?
बाइंडिंग: field_64eda17c688cd | पृष्ठ: 300 | संस्करण वर्ष: 2024 | ISBN: 9789334331707 | वज़न: लगभग 400 ग्राम। यह जानकारी उत्पाद पृष्ठ पर दर्ज वास्तविक विवरण पर आधारित है।
इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
प्रकाशक कौन सा है?
इस पुस्तक का ऑनलाइन मूल्य क्या है?
इस पुस्तक का वर्तमान ऑनलाइन मूल्य ₹235 है। मूल्य और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है; कृपया ऑर्डर से पहले उत्पाद पृष्ठ पर अद्यतन मूल्य देखें।
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Sanatan Vedic Panchmahayagya
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