Vedrishi

Free Shipping Above ₹1500 On All Books | Minimum ₹500 Off On Shopping Above ₹10,000 | Minimum ₹2500 Off On Shopping Above ₹25,000 |
Free Shipping Above ₹1500 On All Books | Minimum ₹500 Off On Shopping Above ₹10,000 | Minimum ₹2500 Off On Shopping Above ₹25,000 |

श्रीनारदपञ्चरात्रम्

Shri Narada Pancharatram

700.00

SKU field_64eda13e688c9 Category Rishi Dev
Edition : 1st
Publishing Year : 2026
Pages : 350
Weight : 480
Binding : Paperback
Share the book

प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं सुरसुथ गंगाधरं वृषभानमम्बिकेशम्।

कत्वाङ्गशूलवरदाभ्यहस्तमीशं

संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम्।।

संपूर्ण ब्रह्माण्डों के अधिष्ठाता व अधिपति योगिन्द्रों के गुरुओं के गुरु देवाधिदेव महादेव भगवान शिव आदि शक्ति जगत् जननी माता पार्वती जी के पूजन श्री चरणों में दण्डवत करके मैं ज्ञान, भक्ति, भक्ति व मुक्ति प्रदान करने वाला यह परम क्लिष्ट; भगवान परमानंद दाता ‘नारद पंचरात्र’ नामक इस ग्रंथ के दान कार्य को पाठकों की सेवा में समर्पित करता हूं। विद्वानों का मत है कि नारद पंचरात्र श्रीकृष्ण भक्ति शाखा के प्राचीनतम ग्रंथो में से एक ग्रंथ है।

नारद पंचरात्र में रात्रि का अर्थ ज्ञान से हैं। मूलतः यह पाँच प्रकार के सर्वोत्तम ज्ञान से युक्त है जो क्रमशः इस प्रकार है-1. जन्म-वृद्धावस्था व मृत्यु का नाश करने वाला परम तत्व।, 2. मोक्षार्थियों का अभिष्ट, मोक्षप्रद एवं प्रभु के श्री चरण में लीन रहने वाला परम तत्व।, 3। श्रीकृष्ण भक्ति व दास्यभाव प्रदान करने वाला परम तत्व, 4. सिद्धिप्रद ग्रंथ ज्ञान (1. अणिमा, 2. लघिमा, 3. व्याधि, 4. प्राकाम्य, 5. महिमा, 6.

ईशत्व, 7. वशित्व, 8. कामवासयिता) 5. अध्येता का वैश्यिक ज्ञान।

इस प्रकार नारद पञ्चरात्र में ज्ञान के इन पाँचों प्रकार का सविस्तार वर्णन विद्यमान है। इसके अतिरिक्त इस परम् रमणीय ग्रन्थ में नारद-ब्रह्मा विवाद, नारायण ऋषि-सुभद्र संवाद, श्रीकृष्ण के प्रसाद की महिमा, नारद-लोमश ऋषि संवाद, कैलास पर्वत की भव्यता व शोभा का वर्णन, वृन्दावन के सौन्दर्य का वर्णन, गोपिकाओं के सौन्दर्य के वर्णन का अद्भुत चित्रण प्राप्त होता है।

इस ग्रंथ में जीव कल्याण मंत्र जगनमङ्गल कवच, गणपति स्तोत्र मंत्र, कृष्ण मंत्र, श्रीकृष्ण सेवा विधि, श्रीकृष्ण की निशाकाली सेवा, गोपाल स्तोत्र मंत्र, गोपाल कवच मंत्र, विष्णु स्तोत्र, विष्णु कवच, गोपाल सहस्त्रनामस्तोत्र मंत्र, यज्ञ विधि, मंत्रजाप विधि द्वादश शुद्धि, त्रैलोक्यमङ्गल कवच, चतुर्घ पूजन, सप्तधा पूजन, नाम मंत्र, राधासहस्त्रनामस्तोत्र, राधा कवच, राधा मंत्र व योगाधारण आदि लोक कल्याणकारी, मोक्षप्रद मंत्र का अनोखा संगम है।

नारद पंचरात्र मुख्यतः ज्ञान का उपदेश है जो स्वंय देवाधिदेव महादेव भगवान शंकर जी ने अपने प्रिय शिष्य नारद मुनि को प्रदान किया है। इस ग्रंथ में स्वयं देवाधिदेव महादेव जी ने माता पार्वती जी और नारद मुनि से संवाद करते हुए अखिल ब्रह्माण्ड को भक्तिभाव, दास्यभाव और ज्ञान का उपदेश दिया है। आज के आधुनिक युग में यह ग्रंथ लोक कल्याणकारी एवं भक्ति के प्रकाश को प्रकाशित करने वाला ग्रंथ है। ईसाई मत के अनुसार भक्ति-भाव, दास्यभाव, योग वर्णन, षट्चक्र व कुंडलिनी शक्ति भगवान व श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का ऐसा उत्तम उदाहरण अन्य किसी भी ग्रंथ में प्राप्त होना परम दुर्लभ है।

मैं इस लोकोपकारी कार्य हेतु इस पुस्तक के प्रकाशक सचिन गुप्ता जी (चौखम्बा संस्कृत सीरीज) का आभारी हूँ, जिन्होंने स्वार्थ से युक्त आधुनिक समय में मानव जीवन के कल्याण हेतु इस पुनीत कार्य को करने का प्रण लिया है।

Weight 6415688 g

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Shri Narada Pancharatram”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recently Viewed

You're viewing: Shri Narada Pancharatram 700.00
Add to cart
Register

A link to set a new password will be sent to your email address.

Your personal data will be used to support your experience throughout this website, to manage access to your account, and for other purposes described in our privacy policy.

Lost Password

Lost your password? Please enter your username or email address. You will receive a link to create a new password via email.

Close
Close
Shopping cart
Close
Wishlist