प्रो. मैक्समूलर ने अपनी अन्तिम पुस्तक ‘माई इण्डियन फ्रैंडस’ में श्रीकृष्ण जी महाराज, आर्य जाति, महर्षि दयानन्द तथा वेदों की निन्दा में लिखे गए घोर आपत्तिजनक स्थलों का उत्तर इस पुस्तक में मिलेगा। प्रस्तुत पुस्तक में ऐसे-ऐसे तर्क, प्रमाण व युक्तियाँ, मिलेंगी कि पाठक इसकी सराहना किए बगैर नहीं रह सकते।
‘मैक्समूलर का ऐक्स-र पुस्तक के दूसरे भाग में महामुनि स्वामी श्रद्धानन्द जी महाराज द्वारा लिखित ‘आशा की उषा’ से इन विषैले भ्रामक विचारों का निराकरण हो जायेगा।
Paperback192 PagesEdition 2021ISBN 9788170772880In StockOriginal Publisher Edition
Frequently Asked Questions
इस पुस्तक का बाइंडिंग, पेज, संस्करण, ISBN और वज़न क्या है?
बाइंडिंग: Paperback | पृष्ठ: 192 | संस्करण वर्ष: 2021 | ISBN: 9788170772880 | वज़न: लगभग 210 ग्राम। यह जानकारी उत्पाद पृष्ठ पर दर्ज वास्तविक विवरण पर आधारित है।
इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
लेखक: Rajendra 'Jigyasu' (राजेंद्र 'जिज्ञासु')। लेखक की अन्य पुस्तकें भी Vedrishi पर उपलब्ध हैं।
प्रकाशक कौन सा है?
प्रकाशक: Vijaykumar Govindram Hasanand। यह पुस्तक Vedrishi ऑनलाइन वेदिक बुक स्टोर से उपलब्ध है।
इस पुस्तक का ऑनलाइन मूल्य क्या है?
इस पुस्तक का वर्तमान ऑनलाइन मूल्य ₹160 है। मूल्य और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है; कृपया ऑर्डर से पहले उत्पाद पृष्ठ पर अद्यतन मूल्य देखें।
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