Vedrishi

निरुक्त भाष्य

Nirukta Bhashya (4 vol.) – by Dr. Gyanprakash Shastri (डॉ ज्ञानप्रकाश शास्त्री )

₹3,700.00

SKU field_64eda13e688c9 Category Rishi Dev
Subject : वेदांग
Edition : 2025
Publishing Year : 2025
ISBN : 8171109853
Packing : 4 vol.
Pages : 2910
Dimensions : 24X24X18
Weight : 3700
Binding : hardcover
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वेदों का अध्ययन करने के लिए छह वेदाङ्गों का निर्माण हुआ। इनमें से एक निरुक्त है जिसकी विषयवस्तु शब्दों का व्युत्पत्ति-विश्लेषण है और इसका प्रमुख उद्देश्य दुर्बोध वैदिक शब्दों का अर्थ स्पष्ट करना है। यास्क का निरुक्त ग्रन्थ वैदिक शब्दों की व्युत्पत्ति पर आधारित है। निरुक्त को छोड़कर सभी वेदाङ्ग मूल ग्रन्थ के रूप में हैं, जबकि निरुक्त निघण्टु की व्याख्या है। व्याख्या होने पर भी इसका वेदाङ्गों में परिगणन होना इसकी महत्ता का परिचायक है।

प्रस्तुत ग्रन्थ में यास्क के निरुक्त का अध्ययन करते समय यह प्रयास रहा है कि यास्क का प्राच्य और अर्वाच्य की दृष्टि से मूल्यांकन किया जाए। इस विषय में एक तथ्य ध्यान देने योग्य है कि निर्वचन के माध्यम से यास्क का उद्देश्य शब्द के मूल तक ले जाने का नहीं था, वरन् उनका उद्देश्य शब्द के साथ अर्थ के सम्बन्ध को निरूपित करना था।

इस भाष्य में वैदिक वाङ्गय को हृदयङ्गम बनाने के लिये आचार्य यास्क, दुर्ग, स्कन्द, सायण, वेङ्कट माधव तथा महर्षि दयानन्द प्रभृति व्याख्याओं का न केवल अवलोकन किया गया है, अपितु निष्कर्षों को सुसङ्गत बनाने के लिए उनको आधार भी बनाया गया है।

hardcover2910 PagesEdition 2025ISBN 8171109853In StockOriginal Publisher Edition

Frequently Asked Questions

इस पुस्तक का बाइंडिंग, पेज, संस्करण, ISBN और वज़न क्या है?
बाइंडिंग: hardcover | पृष्ठ: 2910 | संस्करण वर्ष: 2025 | ISBN: 8171109853 | वज़न: लगभग 3700 ग्राम। यह जानकारी उत्पाद पृष्ठ पर दर्ज वास्तविक विवरण पर आधारित है।
इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
लेखक: Dr. Gyanprakash Shastri (डॉ ज्ञानप्रकाश शास्त्री )। लेखक की अन्य पुस्तकें भी Vedrishi पर उपलब्ध हैं।
प्रकाशक कौन सा है?
प्रकाशक: Parimal Publication। यह पुस्तक Vedrishi ऑनलाइन वेदिक बुक स्टोर से उपलब्ध है।
इस पुस्तक का ऑनलाइन मूल्य क्या है?
इस पुस्तक का वर्तमान ऑनलाइन मूल्य ₹3700 है। मूल्य और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है; कृपया ऑर्डर से पहले उत्पाद पृष्ठ पर अद्यतन मूल्य देखें।
क्या Vedrishi से ऑर्डर ओरिजिनल पुस्तक मिलती है?
Vedrishi मूल प्रकाशकों की प्रामाणिक हिंदी और वैदिक पुस्तकें बेचता है। हर ऑर्डर नये कंडीशन में भेजा जाता है। किसी भी समस्या के लिए आप हमारे संपर्क पेज से सहायता ले सकते हैं।
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Weight6415688 g
Nirukta Bhashya (4 vol.)
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