Vedrishi

वेदों में आयुर्वेद

Vedon me Ayurved

350.00

Subject : Ayurved, vedas, medicine
Edition : 2003
Publishing Year : 2003
SKU # : 37087-HP00-SH
ISBN : 8171104754
Packing : Hardcover
Pages : 308
Dimensions : 14X22X6
Weight : 502
Binding : Hardcover
Share the book

वेदों के निर्माणकाल के सम्बन्ध में विद्वानों में परस्पर बहुत मतभेद है। इस विषय पर अनेक मत होने पर भी, इस बात पर सबको सहमति है, कि संसार की सब पुस्तकों में वेद प्राचीनतम हैं।

ऋगू, यजुः, साम तथा अथर्व भेद से वेद चार संहिताओं में विभक्त हैं। सब वेदों के अध्ययन से, मैं इस निश्चय पर पहुँचा हूँ, कि आयुर्वेद का विषय ऋगू और यजुः की अपेक्षा अथर्ववेद में बहुत विस्तृत रूप से मिलता है।

अथर्ववेद के, वैदिक ग्रन्थों में आठ इं नाम आते हैं। उनमें भेषज- वेद और यातु-वेद, यह दो नाम ही स्पष्ट करते हैं; कि अथर्ववेद में आयुर्वेद का विषय प्रचुर रूप से विद्यमान् है।

अथर्ववेद की ६ शाखायें हैं।

(१) पैप्पलादः (२) तौदाः (३) मौदाः (४) शौनकीयाः (५)

जाजलाः (६) जलदाः (७) ब्रह्मवदाः (८) देवदर्शाः (१) चारण वैद्या।

इन नौ में से इस समय पैप्पलाद और शौनकीय शाखाएँ उपलब्ध हैं, शेष सात लुप्त हो चुकी हैं। इन दो में भी शौनकीय शाखा का पठनपाठन’ में अधिक व्यवहार है। ‘वेदों में आयुर्वेद’ नामक ग्रन्थ में जो मन्त्र अथर्ववेद के नाम से उद्धत किए गए हैं, वे शौनकीय शाखा के हैं।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Vedon me Ayurved”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recently Viewed

You're viewing: Vedon me Ayurved 350.00
Add to cart
Register

A link to set a new password will be sent to your email address.

Your personal data will be used to support your experience throughout this website, to manage access to your account, and for other purposes described in our privacy policy.

Lost Password

Lost your password? Please enter your username or email address. You will receive a link to create a new password via email.

Close
Close
Shopping cart
Close
Wishlist