प्रस्तुत पुस्तक में आत्म-संबंधी पाश्चात्य, पौरसत्य, नवीन, प्राचीन, आस्तिक. नास्तिक सभी विचारों और सिद्धांतों का समालोचन तथा विवेचन किया गया है।
पुस्तक का विषय गहन होने पर भी उसको अधिक सुगम बनाने का यत्न किया गया है जिससे पुस्तक सर्वसाधारण के हाथों में जाने के भी योग्य हो सके । पुस्तक के अंत में असाधारण परिभाषिक शब्दों की एक सूची भी लगा दी गई है जिससे अंग्रेजी भाषाविज्ञ पाठक जान सके कि पुस्तक में प्रयुक्त हिंदी के शब्द किन-किन अंग्रेजी शब्दों के स्थान में काम में आये हैं।
यदि पुस्तक के पाठ से देशवासियों में से कुछ का भी ध्यान आत्म-विषय की ओर हुआ तो लेखक का परिश्रम सफल हो जाएगा।
Papercover224 PagesEdition 2018ISBN 978170772699In StockOriginal Publisher Edition
Frequently Asked Questions
इस पुस्तक का बाइंडिंग, पेज, संस्करण, ISBN और वज़न क्या है?
बाइंडिंग: Papercover | पृष्ठ: 224 | संस्करण वर्ष: 2018 | ISBN: 978170772699 | वज़न: लगभग 270 ग्राम। यह जानकारी उत्पाद पृष्ठ पर दर्ज वास्तविक विवरण पर आधारित है।
इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
लेखक: Mahatma Narayan Swami (महात्मा नारायण स्वामी)। इस लेखक की अन्य पुस्तकें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
प्रकाशक कौन सा है?
प्रकाशक: Vijaykumar Govindram Hasanand। इस प्रकाशक की अन्य पुस्तकें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
इस पुस्तक का ऑनलाइन मूल्य क्या है?
इस पुस्तक का वर्तमान ऑनलाइन मूल्य ₹170 है। मूल्य और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है; कृपया ऑर्डर से पहले उत्पाद पृष्ठ पर अद्यतन मूल्य देखें।
क्या Vedrishi से ऑर्डर ओरिजिनल पुस्तक मिलती है?
Vedrishi मूल प्रकाशकों की प्रामाणिक हिंदी और वैदिक पुस्तकें बेचता है। हर ऑर्डर नये कंडीशन में भेजा जाता है। किसी भी समस्या के लिए आप हमारे संपर्क पेज से सहायता ले सकते हैं।
Vedrishi से ऑर्डर करने के क्या लाभ हैं?
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