Vedrishi

भारतीय संस्कृति का प्रवाह

Bhartiya Sanskriti Ka Pravah – by Pandit Indra Vidyavachaspati (पंडित इंद्र विद्यावाचस्पति)

₹175.00

Subject : Bhartiya Culture 
Edition : 2020
Publishing Year : 2020
SKU # : 36612-VG00-0H
ISBN : 978170772613
Packing : Paperback
Pages : 254
Dimensions : 14X22X6
Weight : 275
Binding : Paperback
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लेखक ने इस पुस्तक में भारत की संस्कृति के जीवन की गाथा सुनाने का यत्न किया है। भारत युग-युगांतरों के परिवर्तनों, क्रातियों और तूफानों में से निकलकर आज भी उसी संस्कृति का वेश धारण किए विरोधी शक्तियों की चुनौतियों का उत्तर दे रहा है।

यद्यपि सदियों से काल चक्र हमारा शत्रु रहा है, तो भी हमारी हस्ती नहीं मिटी। इसकी तह में कोई बात है, वह बात क्या है? लेखक ने इन प्रश्नों का उत्तर देने का यत्न किया है।

यदि अतीत का अनुभव भविष्य का सूचक हो सकता है तो हमें आशा रखनी चाहिए की भविष्य में में जो भी अधड़ आयेंगे वह हमारी संस्कृति की हस्ती को न मिटा सकेंगे।

Paperback254 PagesEdition 2020ISBN 978170772613In StockOriginal Publisher Edition

Frequently Asked Questions

इस पुस्तक का बाइंडिंग, पेज, संस्करण, ISBN और वज़न क्या है?
बाइंडिंग: Paperback | पृष्ठ: 254 | संस्करण वर्ष: 2020 | ISBN: 978170772613 | वज़न: लगभग 275 ग्राम। यह जानकारी उत्पाद पृष्ठ पर दर्ज वास्तविक विवरण पर आधारित है।
इस पुस्तक के लेखक कौन हैं?
लेखक: Pandit Indra Vidyavachaspati (पंडित इंद्र विद्यावाचस्पति)। इस लेखक की अन्य पुस्तकें देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
प्रकाशक कौन सा है?
इस पुस्तक का ऑनलाइन मूल्य क्या है?
इस पुस्तक का वर्तमान ऑनलाइन मूल्य ₹175 है। मूल्य और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है; कृपया ऑर्डर से पहले उत्पाद पृष्ठ पर अद्यतन मूल्य देखें।
क्या Vedrishi से ऑर्डर ओरिजिनल पुस्तक मिलती है?
Vedrishi मूल प्रकाशकों की प्रामाणिक हिंदी और वैदिक पुस्तकें बेचता है। हर ऑर्डर नये कंडीशन में भेजा जाता है। किसी भी समस्या के लिए आप हमारे संपर्क पेज से सहायता ले सकते हैं।
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Weight275 g
Bhartiya Sanskriti Ka Pravah
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